tag:blogger.com,1999:blog-21658146.post114046559598906962..comments2007-03-18T20:05:51.185+05:30Comments on Srijan Shilpi: कब मिलेगा आवास का मौलिक अधिकारSrijan Shilpinoreply@blogger.comBlogger2125tag:blogger.com,1999:blog-21658146.post-1140633587379131772006-02-23T00:09:00.000+05:302006-02-23T00:09:00.000+05:30अनुनाद जी, जैसा कि हमारे प्रभाष जोशी कहते हैं कि इ...अनुनाद जी, जैसा कि हमारे प्रभाष जोशी कहते हैं कि इस बाजार संस्कृति के दर्शन में पूँजी ही ब्रह्म है और मुनाफा, मोक्ष। यदि मुनाफे रूपी मोक्ष और पूँजी रूपी ब्रह्म में किसी की आस्था है तो उसके लिए बाजार निश्चित ही दैवी शक्ति की तरह पवित्र है। जब कभी कोई सत्य और न्याय की बात करता है तो ऐसी "दैवी शक्तियाँ" आहत तो जरूर होती हैं।Srijan Shilpihttp://www.blogger.com/profile/09572653139404767167noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-21658146.post-1140528276516640362006-02-21T18:54:00.000+05:302006-02-21T18:54:00.000+05:30आप बाजार की शक्ति को "राक्षसी-शक्ति" की भाँति समझक...आप बाजार की शक्ति को "राक्षसी-शक्ति" की भाँति समझकर उसे अनादृत क्यों कर रहे हैं ? क्या वह "दैवी-शक्ति" की तरह पवित्र माने जाने की हकदार सिद्ध नही हो चुकी है ?अनुनादअनुनाद सिंहhttp://www.blogger.com/profile/05634421007709892634noreply@blogger.com