tag:blogger.com,1999:blog-21658146.post115368742234732118..comments2008-05-01T13:15:22.931+05:30Comments on Srijan Shilpi: चिट्ठाकारिता और उसकी प्रकृतिSrijan Shilpinoreply@blogger.comBlogger7125tag:blogger.com,1999:blog-21658146.post-13139247110435178892007-11-29T14:05:00.000+05:302007-11-29T14:05:00.000+05:30बहुत बढ़िया। सार्थक चर्चा।बहुत बढ़िया। सार्थक चर्चा।अजित वडनेरकरhttp://www.blogger.com/profile/11364804684091635102noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-21658146.post-50794323405596265102007-11-01T16:46:00.000+05:302007-11-01T16:46:00.000+05:30BAHUT SUNDER..BAHUT SUNDER..आशीष कुमार 'अंशु'http://www.blogger.com/profile/12024916196334773939noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-21658146.post-89932983100834283022007-10-30T18:31:00.000+05:302007-10-30T18:31:00.000+05:30नि:संदेह ब्लाग ने लेखक और पाठक के बीच से मध्यस्थ क...नि:संदेह ब्लाग ने लेखक और पाठक के बीच से मध्यस्थ की भूमिका को खत्म कर दिया है। अगर यह अपनी सकारात्मक भूमिका निभा पाया तो भविष्य में अभिव्यक्ति का इससे सशक्त माध्यम शायद ही कोई दूसरा हो।सुभाष नीरवhttp://www.blogger.com/profile/03126575478140833321noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-21658146.post-58963946570589393372007-10-30T18:26:00.000+05:302007-10-30T18:26:00.000+05:30नि:संदेह ब्लाग ने लेखक और पाठक के बीच से मध्यस्थ क...नि:संदेह ब्लाग ने लेखक और पाठक के बीच से मध्यस्थ की भूमिका को खत्म कर दिया है। अगर यह अपनी सकारात्मक भूमिका निभा पाया तो अभिव्यक्ति का इससे सशक्त माध्यम शायद ही दूसरा हो।सुभाष नीरवhttp://www.blogger.com/profile/03126575478140833321noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-21658146.post-49663667943944094312007-10-01T22:14:00.000+05:302007-10-01T22:14:00.000+05:30बहुत काम कर रहे हैं आप लोगबहुत काम कर रहे हैं आप लोगकारवॉंhttp://www.blogger.com/profile/04890735360499335970noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-21658146.post-1153758651689454882006-07-24T22:00:00.000+05:302006-07-24T22:00:00.000+05:30'माध्यम ही सन्देश ह'ै का भाव क्या है? क्या इसमे आप...'माध्यम ही सन्देश ह'ै का भाव क्या है? क्या इसमे आपको सच्चाई दिखती है?अनुनाद सिंहhttp://www.blogger.com/profile/05634421007709892634noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-21658146.post-1153740520461308672006-07-24T16:58:00.000+05:302006-07-24T16:58:00.000+05:30बहुत अच्छा लिखा है। अभिव्यक्ति (बशर्ते नैतिकता ना ...बहुत अच्छा लिखा है। अभिव्यक्ति (बशर्ते नैतिकता ना छोड़े) ध्यान और चिंतन को स्पर्श करती है, एकाग्रता लाती है, मन हलका करती है और सहिष्णुता बढ़ाती है।Anonymousnoreply@blogger.com