tag:blogger.com,1999:blog-21658146.post-1142622652393261942006-03-18T00:35:00.000+05:302006-03-18T00:49:21.600+05:30इंतजार कब से इंतजार कर रहा हूँ मैं<?xml:namespace prefix = o ns = "urn:schemas-microsoft-com:office:office" />कि तुम उतरो मेरे आँगन मेंऔर मेरे हाथों में हाथ डालकरमेरे साथ नाचो, गाओ, झूमोदेखो, मैं कितना खुश हूँपर खुशी को अकेले तो भोगा नहीं जा सकतातुम भी आओ मेरे साथमेरी खुशियों के सहभागी बनोतुम आओगे तो मैं यह भी भूल जाऊँगा कि मैं किसी कारण से खुश थामैं तो तुम्हारे आने की खुशी में ही पागल हो Srijan Shilpinoreply@blogger.com