tag:blogger.com,1999:blog-21658146.post-1153687422347321182006-07-24T02:11:00.000+05:302007-04-11T15:35:00.549+05:30चिट्ठाकारिता और उसकी प्रकृतिचिट्ठाकारी (ब्लॉगिंग) को आम तौर पर अनौपचारिक लेखन ही माना जाता है। अनौपचारिकता शायद इसकी प्रकृति में ही है। जैसा कि मार्शल मैक्लुहान ने कहा है, “माध्यम ही संदेश है”, हर माध्यम अपने द्वारा प्रसारित संदेश और पाठक, श्रोता अथवा दर्शक पर होने वाले उसके असर को एक विशिष्ट प्रकार से अनुकूलित करता है। ब्लॉग वेब पर प्रकाशन का एक ऐसा माध्यम है, जो लेखन को पाठक तक पहुंचाने और लेखक तथा पाठक के बीच परस्पर Srijan Shilpinoreply@blogger.com